मेरे रोम रोम और साँस साँस पर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे रोम रोम और,

साँस साँस पर,

जिसका सदा बसेरा,

वो बाबा श्याम है मेरा,

वो बाबा श्याम है मेरा,

इस अंधियारे जीवन में आकर,

जिसने किया सवेरा,

वो बाबा श्याम है मेरा,

वो बाबा श्याम है मेरा॥

गर चलते चलते राहों में,

पत्थर से जब टकराऊँ,

मेरे श्याम मेरे श्याम,

मेरे श्याम मेरे श्याम,

आकर के संभाले खुद बाबा,

मैं होले से मुस्काऊँ,

मैं होले से मुस्काऊँ,

जब जब विपदा आए मुझ पर,

हर लेते जो दुःख मेरा,

वो बाबा श्याम है मेरा,

वो बाबा श्याम है मेरा॥

दर दर जाकर मैंने अपनी,

किस्मत को था आजमाया,

मेरे श्याम मेरे श्याम,

मेरे श्याम मेरे श्याम,

मुझको सबने दुत्कारा पर,

बाबा ने गले लगाया,

बाबा ने गले लगाया,

अब तन मन धन सबकुछ अर्पण,

जो दिया है बाबा तेरा,

वो बाबा श्याम है मेरा,

वो बाबा श्याम है मेरा॥

कहे राखी श्याम की भक्ति कर,

अपनी किस्मत चमकाओ,

मेरे श्याम मेरे श्याम,

मेरे श्याम मेरे श्याम,

जो मिटी हुई है भाग्य की रेखा,

वो बाबा से खिचवाओ,

वो बाबा से खिचवाओ,

लिख देंगे बाबा भाग्य में वो,

जो लिखा ना होगा तेरा,

वो बाबा श्याम है मेरा,

वो बाबा श्याम है मेरा॥

मेरे रोम रोम और,

साँस साँस पर,

जिसका सदा बसेरा,

वो बाबा श्याम है मेरा,

वो बाबा श्याम है मेरा,

इस अंधियारे जीवन में आकर,

जिसने किया सवेरा,

वो बाबा श्याम है मेरा,

वो बाबा श्याम है मेरा॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।