तेरे मन मन्दिर में राम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कहाँ तू खोज रहा रे प्राणी,

तेरे मन मन्दिर में राम,

नहीं अवध नहिं गोकुल में प्रभु,

नहीं द्वारका धाम,

तेरे मन मन्दिर में राम....

मन में तेरे मैल जमी है,

अँखियन मोह की पट्टी पड़ी है,

दीखत नाहीं राम,

तेरे मन मन्दिर में राम.....

एक बार तू प्रभु को भजले,

मन निर्मल को जाए,

धोले मन का मैल रे प्राणी,

ले कर हरि का नाम,

तेरे मन मन्दिर में राम.....

कहाँ तू खोज रहा रे प्राणी,

तेरे मन मन्दिर में राम,

नहीं अवध नहिं गोकुल में प्रभु,

नहीं द्वारका धाम,

तेरे मन मन्दिर में राम.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।