शिव धुन

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

हर हर भोले नमः शिवाय |4|

रामेश्वराय शिव रामेश्वराय

हर हर भोले नमः शिवाय |4|

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

हर हर भोले नमः शिवाय |4|

गंगाधराय शिव गंगाधराय

हर हर भोले नमः शिवाय |4|

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

हर हर बोले नमः शिवाय |4|

जटाधराये शिव जटाधराये

हर हर भोले नमः शिवाय |4|

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

हर हर बोले नमः शिवाय |4|

सोमेश्वराय शिव सोमेश्वराय

हर हर भोले नमः शिवाया |4|

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

हर हर बोले नमः शिवाय |4|

विश्वेश्वराय शिव विश्वेश्वराय

हर हर भोले नमः शिवाया |4|

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

हर हर बोले नमः शिवाय |4|

कोटेश्वराये शिव विश्वेश्वराय

हर हर भोले नमः शिवाया |4|

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

हर हर भोले नमः शिवाय |4|

महाकालेश्वराय महाकालेश्वराय

हर हर भोले नमः शिवाया |4|

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

हर हर बोले नमः शिवाय |4|

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।