श्री मन नारायण नारायण हरि हरि

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

श्री मन नारायण नारायण हरि हरि,

श्री मन नारायण नारायण हरि हरि,

तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि,

तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि,

भज मन नारायण नारायण हरि हरि,

भज मन नारायण नारायण हरि हरि।

श्री मन नारायण नारायण हरि हरि

श्री मन नारायण नारायण हरि हरि

तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि,

तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि,

श्री मन नारायण नारायण हरि हरि,

श्री मन नारायण नारायण हरि हरि।

लक्ष्मी नारायण नारायण हरि हरि,

बोलो नारायण नारायण हरि हरि,

भजो नारायण नारायण हरि हरि,

भजो नारायण नारायण हरि हरि,

श्री मन नारायण नारायण हरि हरि,

तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि ।

भज मन नारायण नारायण हरि हरि

सत्य नारायण नारायण हरि हरि

जपो नारायण नारायण हरि हरि।

भज मन नारायण नारायण हरि हरि

विष्णु नारायण नारायण हरि हरि

जपो नारायण नारायण हरि हरि।

तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि ।

भज मन नारायण नारायण हरि हरि

बदरीनारायण नारायण हरि हरि

तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि ।

भज मन नारायण नारायण हरि हरि

ब्रह्म नारायण नारायण हरि हरि

तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि ।

भज मन नारायण नारायण हरि हरि

चन्द्र नारायण नारायण हरि हरि

तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि ।

भज मन नारायण नारायण हरि हरि

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।