भोले बाबा का वंदन

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले बाबा का वंदन,

आसान होता है,

इन्हें जल चढाने से,

इन्हें जल चढाने से,

कल्याण होता है,

भोलें बाबा का वंदन,

आसान होता है………

ये भांग धतुरा ही,

खुश होकर खाते है,

कोई मेवा छप्पन भोग,

ना इनको भाते है,

एक बेलपत्र से इनका,

सम्मान होता है,

इन्हें जल चढाने से,

इन्हें जल चढाने से,

कल्याण होता है,

भोलें बाबा का वंदन,

आसान होता है………..

ये प्रेम का प्यासा है,

और भाव का भूखा है,

श्रध्दा सबकी देखे,

ना रुखा सुखा है,

आडम्बर करने वाला,

नादान होता है,

इन्हें जल चढाने से,

इन्हें जल चढाने से,

कल्याण होता है,

भोलें बाबा का वंदन,

आसान होता है……….

महलो में ठिकाना ना,

जंगल में बसेरा है,

चाहे गली हो या नुक्कड़,

हर जगह पे डेरा है,

हर भक्त का ‘हर्ष’ हमेशा,

ये ध्यान रखता है,

इन्हें जल चढाने से,

इन्हें जल चढाने से,

कल्याण होता है,

भोलें बाबा का वंदन,

आसान होता है………….

भोले बाबा का वंदन,

आसान होता है,

इन्हें जल चढाने से,

इन्हें जल चढाने से,

कल्याण होता है,

भोलें बाबा का वंदन,

आसान होता है……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।