मेरे श्याम धणी साँवरिया मेरी कसके पकड़लो बहिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे श्याम धणी साँवरिया,

मेरी कसके पकड़लो बहिया,

गहरा नदिया का पानी,

कही डूब ना जाये नैया॥

एक तेरा भरोसा हमको तेरे नाम का हमें सहारा,

तेरे रहमों कर्म से बाबा हम जैसों का है गुजारा.....-2

अटकी तू ही पार लगाए तू सबकी बिगड़ी बनाये,

तुझसा ना देव है दूजा हे दीन बंधु साँवरिया,

मेरे श्याम धणी साँवरिया..........

दुनियां की ठोकर खाकर दरबार मै तेरे आया,

तू हारे हुए का सहारा अब देना साथ हमारा....-2

हँसता है मुझपे जमाना क्या होगा श्याम हमारा,

हर राह में साथ में रहना ऊँची नीची है डगरिया,

मेरे श्याम धणी साँवरिया..........

ना जानू बाबा तुमने कितनों को कितना दिया है,

जिसकी जैसी थी करनी उसको वैसा ही दिया है....-2

तू बुरा भला पहचाने मेरे दिल की तू ही जाने,

छोटी सी विनती मेरी सुनले हे जग के रचईया,

मेरे श्याम धणी साँवरिया..........

अब संकट नें है सताया मेरा दिल है बहोत घबराया,

लीले चढ़कर तू आजा जरा मोरछड़ी लहरा जा....-2

धोखा दुनियां नें दिया है मेरा जीवन बिखर रहा है,

जीवन बगिया को खिलादो मेरी सूख रही फुलवरिया,

मेरे श्याम धणी साँवरिया..........

जीवन नैया को चलाते मै हार गया हूँ बाबा,

कितना मै और सहूँगा दिल से टुटा हूँ बाबा....-2

संजय की हार ना होंगी हमको बिस्वास तुम्हारा,

टूटी सी नाव है मेरी आजा नैया के खींवईया,

मेरे श्याम धणी साँवरिया..........

मेरे श्याम धणी साँवरिया,

मेरी कसके पकड़लो बहिया,

गहरा नदिया का पानी,

कही डूब ना जाये नैया॥

भजन गायक एवम लेखक

संजय कुमार नारायणा वाले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।