गुज़रे सालो में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हमेशा प्रेम वाले,

सांचे में ढाल के रक्खे..2

हर दर्द से तुमको

निकाल के रखे..-2

सम्भाला उसी ने

गुज़रे सालों में...-2

मुरलीवाला आगे भी,

सम्भाल के रखे,

हमेशा प्रेम वाले...

आये ना कोई ग़म,

ज़िन्दगी में तेरी,

कभी ना सताये तुझे

ग़म की अन्धेरी....-2

खुश रहे तू सदा,

खुशहाल में रखे,

हर दर्द से तुमको,

निकाल के रखे,

सम्भाला उसी ने,

गुज़रे सालों में,

मुरली वाला आगे भी,

सम्भाल के रखे,

हमेशा प्रेम वाले...

रब से दुआ जो मेरी

दुआ वो क़ुबूल हो,

मेरे हर अपने की

राहों में फूल हों....-2

है वहीजो हर होनी को,

टाल के रखे,

हर दर्द से तुमको,

निकाल के रखे,

सम्भाला उसी ने,

गुज़रे सालों में,

मुरली वाला आगे भी,

सम्भाल के रखे,

हमेशा प्रेम वाले...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।