गोपी बने भोलेनाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गोपी बने भोलेनाथ ब्रज में गोपी वाले...

रास देखने गोरा चाली,

बोले हम भी चलेंगे तेरे साथ ब्रज में गोपी बने....

नग सग के सब गहनों पहनो,

बिंदिया लगा लई लाल ब्रज में गोपी बने....

घूम घुमारो लहंगा पहनो,

चुनरी ओढ़ लई लाल ब्रज में गोपी बने...

हस करके गोरा जी बोली,

ऐसे भेष में कैसे जाओगे,

दुनिया हंसेगी दे दे ताल ब्रज में गोपी वाले....

दुनिया हंसेगी तो क्या रे करेगी,

हम हैं पुरुष तुम नार ब्रज में गोपी बने....

रास देखने दोनों चल दिए,

भोले चले मरोड़ा चाल ब्रज में गोपी वाले....

भायेली यू हंस कर बोलो,

कौन आई है तुमरे साथ ब्रज में गोपी बने.....

हंस करके गोरा जी बोली,

आई भाएली मेरे साथ ब्रज में गोपी वाले....

कुंजन में मनमोहन बैठे,

जान गए सब राज ब्रज में गोपी बने....

हंस करके मनमोहन बोले,

आओ गोपेश्वर नाथ ब्रज में गोपी वाले...

ऐसो नाच दिखायो भोले ने,

कही चुदर कही आप ब्रज में गोपी बने...

मथुरा में भोले का मंदिर,

कहलाए भूतेश्वर नाथ ब्रज में गोपी वाले....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।