शंकर संकट हरना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव कैलाशों के वासी, धौलीधारों के राजा,

शंकर संकट हरना……….

तेरे कैलाशों का अंत ना पाया,

अंत अनंत तेरी माया,

ओ भोले बाबा,

अंत अनंत तेरी माया,

शिव कैलाशों के वासी, धौलीधारों के राजा,

शंकर संकट हरना…….

देवो की भूमि उत्तराखंड पुकारे,

हम सब है तेरे सहारे,

अंत अनंत तेरी माया,

शिव कैलाशों के वासी, धौलीधारों के राजा,

शंकर संकट हरना…….

मेरी नैया भवर में डोले रे,

आकर के बचा लो मेरे भोले मेरी नैया,

मेरे हाथ थाम के साथ तुम चलना,

शंकर संकट हरना,

शिव कैलाशों के वासी, धौलीधारों के राजा,

शंकर संकट हरना……….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।