राम प्रभु आधार जगत के राम जीवनाधार

पारंपरिक
श्री कृष्ण मंत्र राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राम प्रभु आधार जगत के,

राम जीवनाधार ।

राम एक आदर्श हमारे,

वंदन करूँ हज़ार ॥

दो अक्षर की अमोघ शक्ति, महा मंत्र है मंगल नाम ।

श्री राम, श्री राम, श्री राम जय राम जय जय राम ॥

अजानुबाहू, वीर धनुधर ।

श्यामल कान्ति, शरीर सुन्दर ।

सुर नर पालक, असुर संघारक ।

भक्त जानो के हैं विश्राम ।

श्री राम, श्री राम, श्री राम जय राम जय जय राम ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।