भोले भंडारी ये तुमसे कैसा नाता है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले भंडारी ये तुमसे कैसा नाता है,

मै दुःख में याद करू तु दौड़ा आता है………..

जहर पिया तुमने जग को अमृत दिया,

अपने भक्तो के लिए ना जाने कितना सहा,

ये सारा जग तुमसे ये प्रेम जताता है,

भोले भंडारी ये तुमसे कैसा नाता है……..

मुश्किलों से मै अब नही घबराता हु,

आता जब संकट बम भोले गाता हु,

तब जाकर मुझको चैन आता है,

भोले भंडारी ये तुमसे कैसा नाता है……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।