ये तो माँ अंजनी का लाला है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जिस पर कृपा हो बालाजी की,

वो भक्त कभी ना डोले,

वो भक्त प्यारा बजरंगी को,

जो जय सियाराम की बोले,

जय सियाराम...

मेहंदीपुर है धाम निराला,

जहाँ बिराजै बजरंग बाला,

किस्मत का जो खोले ताला,

राम राम की जपता माला,

भक्तों का संकट टाला है,

ये तो माँ अंजनी का लाला है,

ये तो लाल लंगोटे वाला है………..

मंगल और शनिवार को लगता,

दर पे मेला भारी,

बालाजी के दर्शन करने,

आते हैं नर नारी,

खाली झोलियाँ भरने वाला है,

ये तो माँ अंजनी का लाला है,

ये तो लाल लंगोटे वाला है………

सारे जग में धूम मची,

मेरे बालाजी बजरंगी,

दुष्टों का संहार करे,

अपने भक्तों के संगी,

जपे राम नाम की माला है,

ये तो माँ अंजनी का लाला है,

ये तो लाल लंगोटे वाला है………

जो भी जैसी आशा लेकर,

मेहंदीपुर में जाएं,

मनोकामना पूरी करते,

सोया भाग जगाए,

कहे सितारा, तारने वाला है,

ये तो माँ अंजनी का लाला है,

ये तो लाल लंगोटे वाला है………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।