राम लखन से पूछे हनुमाना

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

कहां से आए और कहां तुम्हें जाना,

राम लखन से पूछे हनुमाना,

श्यामल सुंदर गौर शरीरा,

क्यों फिरते हो वन में दोनों वीरा,

कांधे पर धनुष और हाथों में माला,

राम लखन से पूछे हनुमाना

कहां से आए और......

त्रिदेव से सुंदर दोनों तुम हो,

नर और नारायण दोनों तुम हो,

क्यों सहते हो बन में दुख नाना,

राम लखन से पूछे हनुमाना,

कहां से आए और.....

हम तो बाबा अवध के वासी,

खोजा तो नार्वे बनवासी,

अपना भेद बताओ बलवाना,

राम लखन से पूछे हनुमाना,

कहां से आए और.....

सुन हनुमंत चरण लिपटाए,

तन पुलकित मन वचन उचारे,

अब ना विसारो मुझे श्री भगवाना,

राम लखन से पूछे हनुमाना,

कहां से आए और......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।