हरि का नाम अमृत है

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

हरि का नाम अमृत है हमें पीना नहीं आता,

हमें पीना नहीं आता हमें पीना नहीं आता,

हरि का नाम अमृत है....

मानुष अनमोल चोले को तरसते देवता भी हैं,

प्रभु ने जिंदगी दी है हमें जीना नहीं आता,

हरि का नाम अमृत है....

कमाई बाप की करते नहीं संतोष जीवन में,

बचाते हैं हरि हमको हमें बचना नहीं आता,

हरि का नाम अमृत है....

बहुत उपदेश देते हैं सुधरती है नहीं दुनिया,

हमें कहना तो आता है मगर करना नहीं आता,

हरि का नाम अमृत है....

जरा सोचो जरा समझो जरा मन में विचार हो तुम,

भटकना होगा नहीं जग में शरण में हरी कि तू आजा,

हरि का नाम अमृत है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।