॥ पावन पाठ ॥
हरि का नाम अमृत है हमें पीना नहीं आता,
हमें पीना नहीं आता हमें पीना नहीं आता,
हरि का नाम अमृत है....
मानुष अनमोल चोले को तरसते देवता भी हैं,
प्रभु ने जिंदगी दी है हमें जीना नहीं आता,
हरि का नाम अमृत है....
कमाई बाप की करते नहीं संतोष जीवन में,
बचाते हैं हरि हमको हमें बचना नहीं आता,
हरि का नाम अमृत है....
बहुत उपदेश देते हैं सुधरती है नहीं दुनिया,
हमें कहना तो आता है मगर करना नहीं आता,
हरि का नाम अमृत है....
जरा सोचो जरा समझो जरा मन में विचार हो तुम,
भटकना होगा नहीं जग में शरण में हरी कि तू आजा,
हरि का नाम अमृत है.....