बाबा तुम जो मिल गए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

वो नाव कैसे चले जिसका कोई खेवनहार ना हो,

तेरा गुणगान कसिए करूँ जहाँ पर तेरा दीदार ना हो.....

बाबा तुम जो मिल गए फूलों से खिल गए,

गर्दिशो के दिन मेरे जाने कब बदल गए,

शुक्र्राना तेरा मेरे सांवरे,

उजड़ा था घर वो चमन हो गया,

चमका सितारा के गगन हो गया,

हाले दिल बतलाऊँ और क्या तुझे,

हाथ तेरा सर पे और क्या चाहिए मुझे,

झूमे नाचे दिल मेरा हो गया मगन,

बाबा तुम जो मिल गए.................

तेरा दर सांवरे जो मिलता नहीं,

दर दर मारा मारा फिरता कहीं,

तन मन वरुण भी तो काम सांवरे,

खुशियां लुटाये तू गज़ब सांवरे,

लागि रहे तेरी बाबा दिल में लगन,

बाबा तुम जो मिल गए.................

चहरे से तेरे बाबा नूर टपके,

देखे जाएँ आँखें पलकें ना झपके,

जिसपे निगाहें बाबा कर देता तू,

उसके तो वारे न्यारे कर देता तू,

जादगारे जादगारे तेरे ये नयन,

बाबा तुम जो मिल गए................

हँसता ये जाता घर बार दे दिया,

फुवारियों सा परिवार दे दिया,

रोज़ सुबह शाम जय जैकार तेरी हो,

लेहरी चाहे दिल से पुकार तेरी हो,

भावों से भरे हैं बाबा तेरे ये भजन,

बाबा तुम जो मिल गए................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।