॥ पावन पाठ ॥
जहाँ जुटेंगे श्याम के पेर्मी करेंगे प्रेम पुकार,
आएंगे जय हो, आएंगे जय हो,
आएंगे सांवलिया सरकार....
कोई करेगा श्याम से बतिया,
ज्योत जगावे कोई रतिया,
भजन भाव से कोई रिझावे,
कोई करे मनुहार,
आएंगे सांवलिया सरकार.....
कोई भगत की सेवा करेगा,
कोई छप्पन भोग धरेगा,
कोई डुलावे चंवर श्याम के,
कोई करे जयकार,
आएंगे सांवलिया सरकार....
नाच नाच कोई श्याम रिझावे,
कोई संवारिये को सजावे,
किस्मत को अपनी चमकावे,
होव हर्ष अपार,
आएंगे सांवलिया सरकार.....
अपनी अपनी सेवा देंगे,
नैनो से दिल की कह देंगे,
अंश सुनाई होगी सबकी,
पूरा है एतबार,
आएंगे सांवलिया सरकार.....