जिसको जीवन में मिला सत्संग हैं

संत कबीर
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जिसको जीवन में मिला सत्संग हैं,

उसको हर पल आनंद ही आनंद है।

जिसका हरि से जुड़ा संबंध हैं,

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है।

जिसका जीवन सच्चाई में ढल गया,

उसके पापों का पर्वत भी गल गया,

जिसके रोम रोम बसे गोविंद है

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है।

संत ऋषियो की वाणी को मानो,

तत्व क्या है जगत का ये जानो,

उसका चौरासी कट जाए फंद है

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है।

सूरा मीरा कबीरा ने गया,

तुलसी नानक ने दर्शन पाया,

जिसके हृदय मे राम नाम बंद है,

जिसके हृदय मे राम नाम बंद है,

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है।

स्वर्ग जाने की इच्छा नहीं है

मुक्ति पाने की इच्छा नहीं है

उसे ही मिलता यहाँ परमानंद है

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है।

जिसको जीवन में मिला सत्संग हैं,

उसे हर घडीआनंद ही आनंद है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।