मैं वारी जाऊँ बालाजी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

लाल लँगोटो बाला हाथ मे घोटो,

ओ थानै सुमिराँ पवन कुमार बजरंग बालाजी,

ओ थारी जय हो पवन कुमार बजरंग बालाजी,

ओ थारी जय हो पवन कुमार मैं वारी जाँऊ बालाजी,

मैं वारी जाँऊ बालाजी, बलिहारी जाँऊ बालाजी,

ओ थारी जय हो पवन कुमार मैं वारी जाँऊ बालाजी.....

माँ अन्जनी रा लाडला,

ओ थारो चारों युग प्रताप बजरंग बालाजी।

लँका जारी सिया सुध ल्याया,

ओ थै तो रामजी रा सारया काज बजरंग बालाजी।

सालासर थारो भवन बण्यो है,

मेहँदीपुर थारो भवन बण्यो है,

ओ थारै नौबत बाजै द्वार बजरंग बालाजी।

चैत सुदी पूनम को मेलो बाला,

ओ थारै आवै भगत अपार बजरंग बालाजी।

गठजोड़े से जातजडुला,

ओ थारै दैवे लाँखो नर नार बजरंग बालाजी।

ध्वजा नारियल चढै रे चूरमो,

ओ थारै सुवर्ण छत्तर अपार बजरंग बालाजी।

घृत सिन्दूर चढै तन उपर,

हर मँगल और शनिवार बजरंग बालाजी।

भगतां का थे कारज सारो बाला,

ओ थारी महिमा अपरम्पार बजरंग बालाजी।

बालमण्डल थाँसू अरज करै है,

म्हारो बेडो लगा दिज्यो पार बजरंग बालाजी।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।