दानी बड़ा है भोलेनाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

दानी बड़ा है भोलेनाथ पूरी करे ये मन की मुराद,

देख लो माँग के माँग के तेरा बिगड़ा मुक्कदर सँवर जायेगा,

तेरा दामन भी खुशियों से भर जायेगा.....

दीनदयालु कहे इसको जमाना,

काम है इसका किश्मत जगाना,

ओ भोले के दर पे जिसने अरजी लगाई है,

हाथों ही हाथ उसकी हुई सुनवाई है,

देख लो माँग के माँग के तेरा बिगडा मुक्कदर सँवर जायेगा,

तेरा दामन भी खुशियों से भर जायेगा.....

देवों का देव तीनों लोकों का स्वामी,

देखी दातारि हुई दुनिया दिवानी,

ओ राजा बनाये पल भर मे भिखारी को,

करदे निहाल भोले अपने पुजारी को,

देख लो माँग के माँग के तेरा बिगडा मुक्कदर सँवर जायेगा,

तेरा दामन भी खुशियों से भर जायेगा.....

भोला भाला है दिल इसका बडा है,

देखे कभी ना कोन लेने खडा है,

ओ रावण को सोने की लँका दे डाली,

दर से लोटाया नहीं किसी को भी खाली,

देख लो माँग के माँग के तेरा बिगडा मुक्कदर सँवर जायेगा,

तेरा दामन भी खुशियों से भर जायेगा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।