हनुमान तेरा कर्जा मै कैसे चुकाऊंगा

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

भगत तूने बहुत किया बहुत किया रघुकुल पे उपकार,

याद तुझे रखेगा रखेगा,

मेरा ये परिवार,

हैं इतने एहसान तेरे मैं भूल ना पाऊँगा,

हनुमान तेरा कर्जा मैं कैसे चुकाऊँगा....

सुनले हनुमान प्यारे,

ये वादा राम का है,

पास है जो कुछ मेरे,

सारा हनुमान का है,

जब भी धरती पर मेरा,

कोई अवतार होगा,

चाहे जिस रुप मे हो,

मिलन हर बार होगा,

तेरे बिना लीला धरती पर नहीं रचाऊँगा,

हनुमान तेरा कर्जा मैं कैसे चुकाऊँगा....

अगर दुनिया मे किसी को,

तेरा विश्वास नहीं है,

करे चाहे कितनी भगती,

वो मेरा दास नहीं है,

जँहा हनुमान होगा,

वँही पर राम होगा,

तेरी भगती के बिना तो,

नहीं कोई काम होगा,

तेरे भगत को भवसागर से पार लगाऊँगा,

हनुमान तेरा कर्जा मैं कैसे चुकाऊँगा....

भरत भैया के जैसा,

आज रिश्ता है तुमसे,

भाई लक्ष्मण के जैसा,

आज नाता है तुमसे,

हमेशा सीता तुझको,

ओ अपना लाल कहेगी,

अपने बेटे के जैसे,

तुझे वो सम्भाल रखेगी,

तू रघुकुल का बेटा है मैं सबको बताऊँगा,

हनुमान तेरा कर्जा मैं कैसे चुकाऊँगा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।