जग पे संकट आया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जग पे संकट आया बाबा मोरछड़ी लेहराओ ना,

हार गया जग इस संकट से नीले चढ़ अब आओ ना,

जग पे संकट आया बाबा मोरछड़ी लेहराओ ना....

इस संकट की आंधी बाबा बढ़ती बढ़ती जावे है,

हर प्रेमी अब तेरे आगे एक ही अर्ज़ी लगावे है,

इस संकट को हरने खातिर बाण तो एक चलाओ ना,

जग पे संकट आया बाबा मोरछड़ी लेहराओ ना....

तेरे इस जग की बगिया के पुश गिरते जाएँ हैं,

धार के रूप काल माली का पुष्प चुनता जावे है,

बनके मांझी आजा सांवरे नैया पार लगाओ ना,

जग पे संकट आया बाबा मोरछड़ी लेहराओ ना...

अनसुना क्यों करते बाबा प्रेमी तुझे पुकारे हैं,

गौरव संग प्रेमी ये सारे बाबा तेरे दुलारे हैं,

अँखियाँ बरसे छम छम बाबा कोई तो राह दिखाओ ना,

जग पे संकट आया बाबा मोरछड़ी लेहराओ ना....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।