मैया हो जा दयाल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हो जा मैया दयाल, हो जा मैया दयाल,

दुःखिया खड़े तोरे द्वारे,

दैयो ऐंसी अशीष, दैयो ऐंसी अशीष,

खुल जावें भाग हमारे,

उड़े रंगा गुलाल, उड़े रंगा गुलाल,

बज रये भवन पे नगाड़े,

हो जा मैया दयाल...

तोरे दरस को जो आवे माता,

तोरे चरण में पड़े माता,

ओईके भाग खुले जावे,

कन्या को दे दैयो वर मोरी माता,

सुंदर सुशील सबल हुईये,

ओईके भाग खुल हुईएं,

तोरे दरस को जो आवे माता,

तोरे चरण में पड़े माता,

ओईके भाग खुले जावे...

बांझन जो आवे तुम्हारे दर मैया,

ओईकें सुन्दर ललन पावे,

लूला और लंगड़ा काना और कुबड़ा,

सबकी मुरादें सफल हुईयें,

ओईके भाग खुले हुईएं,

तोरे दरस को जो आवे माता,

तोरे चरण में पड़े माता,

ओईके भाग खुले जावे...

चार भगत मैया तोरे जस गावैं,

तोरी शरण में डरे हुईएं,

ओईके भाग खुले हुईएं,

तोरे दरस को जो आवे माता,

तोरे चरण में पड़े माता,

ओईके भाग खुले जावे,

हो जा मैया दयाल, हो जा मैया दयाल,

दुःखिया खड़े तोरे द्वारे...

बैठी हैं हमरी नगरिया आकें,

मंद मंद मुस्कायें री जे मैया मोरी,

राम री जे मैया मोरी,

हम बालक वे मैया हमारी,

अपनो प्यार लुटायें री जे मैया मोरी,

राम री जे मैया मोरी....

जे मैया काली भगत आवे,

दुष्टों की सेना मरत जावे,

बड़े बड़े निसचर भरे अत्याचारी,

सब देवता मैया मैया पुकारी,

भगतों की टेर सुनत आवै,

दुष्टों की सेना मरत जावे,

जे मैया काली भगत आवे,

दुष्टों की सेना मरत जावे....

सुनकें पुकार मैया भगतों की आई,

चण्डी को रूप मोरी मैया बनाई,

सो हाथों में खप्पर धरत आवे,

दुष्टों की सेना मरत जावे,

जे मैया काली भगत आवे,

दुष्टों की सेना मरत जावे....

तलवार ले कें चली रण में मैया,

दुश्मन भगे करकें हा हा और दैया,

दुष्टों के शीश कटत जावें,

दुष्टों की सेना मरत जावे,

जे मैया काली भगत आवे,

दुष्टों की सेना मरत जावे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।