अर्ज़ी ये मेरी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अर्ज़ी ये मेरी है,

हो जाऊं मैं वैसी

मर्ज़ी जो तेरी है,

अर्ज़ी ये मेरी है....

विनती मेरी करना स्वीकार...-2

तेरे ही भरोसे है मेरा,

छोटा सा परिवार....

तेरी कैसे करूँ पूजा....-2

रटती हूँ नाम हरघघड़ी

नहीं काम अब कोई दूजा....

तेरे दर्शन का है सपना...-2

तुझपे ही छोड़ दिया,

रख जैसे तुझे रखना....

लागी लागी लगन लागी...-2

लिखु तेरे नाम के भजन,

गाऊं तेरी लगन लागी....

सर हाथ सदा रखना....-2

भूल चूक माफ़ करना,

मुझे जान के तुम अपना,

अर्ज़ी ये मेरी है....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।