माला री तेरा जपना कठिन है

पारंपरिक
माँ गंगा भजन विविध भजन ganga
॥ पावन पाठ ॥

माला री तेरा जपना कठिन है,

जपना कठिन है, तेरा भजना कठिन है,

माला री तेरा जपना कठिन है॥

मात पिता और गुरु अपने की,

इन तीनों की आज्ञा कठिन है,

माला री तेरा जपना कठिन है....

सास ससुर और पति अपने की,

इन तीनों की सेवा कठिन है,

माला री तेरा जपना कठिन है....

चंदा सूरज और तारेया,

इन तीनों का मिलना कठिन है,

माला री तेरा जपना कठिन है....

गंगा जमुना और त्रिवेणी,

इन तीनों का नहाना कठिन है,

माला री तेरा जपना कठिन है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।