राधेश्याम सीताराम होवे मेरे घर में

पारंपरिक
श्री गणेश भजन राम भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

राधेश्याम सीताराम होवे मेरे घर में,

ऐसी वैसी बात ना आवे मेरे मन में॥

एक दिना प्रभु आवे मेरे मन में,

गणपति जी का मंदिर होवे मेरे घर में,

गणपत जी का मंदिर होवे, रिद्धि सिद्धि संग में होवे,

जय गणेश जय गणेश सत्संग होवे घर में,

राधेश्याम सीताराम.....

एक दिना प्रभु आवे मेरे मन में,

ब्रह्मा जी का मंदिर होवे मेरे घर में,

ब्रह्मा जी का मंदिर होवे, सरस्वती मैया संग में होवे,

वेदों का उच्चारण होवे मेरे घर में,

राधेश्याम सीताराम....

एक दिना प्रभु आवे मेरे मन में,

विष्णु जी का मंदिर होवे मेरे घर में,

विष्णु जी का मंदिर होवे, लक्ष्मी मैया संग में होवे,

नारायण नारायण सत्संग होवे घर में,

राधेश्याम सीताराम....

एक दिना प्रभु आवे मेरे मन में,

भोले जी का मंदिर होवे मेरे घर में,

भोले जी का मंदिर होवे, गोरा मैया संग में होवे,

नमः शिवाय नमः शिवाय सत्संग होवे घर में,

राधेश्याम सीताराम....

एक दिना प्रभु आवे मेरे मन में,

रामा जी का मंदिर होवे मेरे घर में,

रामा जी का मंदिर होवे, सीता माता सब में होवे,

सीताराम सीताराम सत्संग हो गए घर में,

राधेश्याम सीताराम....

एक दिना प्रभु आवे मेरे मन में,

कान्हा जी का मंदिर होवे मेरे घर में,

कान्हा जी का मंदिर होवे, राधा रुक्मण संग में होवे,

राधे कृष्णा राधे कृष्णा सत्संग होवे घर में,

राधेश्याम सीताराम....

एक दिना प्रभु आवे मेरे मन में,

दुर्गा जी का मंदिर होवे मेरे घर में,

दुर्गा जी का मंदिर होवे, लांगुर भैरव संग में होवे,

जय माता की जय माता की सत्संग होवे घर में,

राधेश्याम सीताराम होवे मेरे घर में......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।