पीकर भांग का प्याला नाच रहे भोले बाबा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

पीकर भांग का प्याला नाच रहे भोले बाबा,

नाच रहे भोले बाबा नाच रहे भोले बाबा,

पीकर भांग का प्याला....

गणपति नाचे कार्तिक नाचे,

संग में उनके नारद नाचे...-2

नाच रहा कैलाश नाच रहे भोले बाबा,

पीकर भांग का प्याला....

गंगा नाचे जमुना नाचे,

संग में उनके सरयू नाचे...-2

नाच रहा संसार नाच रहे भोले बाबा,

पीकर भांग का प्याला....

चंदा नाचे सूरज नाचे,

संग में उनके तारे नाचे...-2

नाच रहा आकाश नाच रहे भोले बाबा,

पीकर भांग का प्याला.....

धरती नाचे अंबर नाचे,

संग में उनके त्रिलोक नाचे....-2

नाच रहा पाताल नाच रहे भोले बाबा,

पीकर भांग का प्याला.....

साधु नाचे संत भी नाचे,

संग में उनके भक्त भी नाचे....-2

नाच रहा ब्रह्मांड नाच रहे भोले बाबा,

पीकर भांग का प्याला नाच रहे भोले बाबा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।