हे शिव पिता परमात्मा

अनुराधा पौडवाल
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हे शिव पिता परमात्मा करते है तेरी पार्थना,

ज्ञान को सूरज है तू सारे जगत की आत्मा,

हे शिव पिता परमात्मा करते है तेरी पार्थना।।

हे शिव पिता परमात्मा करते है तेरी पार्थना,

ॐ हरिओम ॐ हरिओम ॐ हरिओम।।

शिव है अक्षर है शिव गणित है,

शब्द शिव गुणगान शिव,

ज्ञान शिव विज्ञानं शिव,

कंठ शिव वाणी भी शिव है,

शिव हमारी चेतना।।

हे शिव पिता परमात्मा करते है तेरी पार्थना,

ज्ञान को सूरज है तू सारे जगत की आत्मा,

हे शिव पिता परमात्मा करते है तेरी पार्थना………..

हे शिव पिता परमात्मा करते है तेरी पार्थना,

ॐ हरिओम ॐ हरिओम ॐ हरिओम………..

आँख की ज्योति भी शिव है,

हाथ की शक्ति भी शिव है,

मन भी शिव मस्तक भी शिव है,

श्रद्धा भी शिव भक्ति भी शिव,

शिव ही शिव होरही है शिव तेरी आराधना…………

हे शिव पिता परमात्मा करते है तेरी पार्थना,

ज्ञान को सूरज है तू सारे जगत की आत्मा,

हे शिव पिता परमात्मा करते है तेरी पार्थना……….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।