खाटू का राजा महर करो

पारंपरिक
महादेव भजन खाटू श्याम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

थासु विनती करा हाँ बारम्बार,

सुनो जी सरकार,

खाटू का राजा महर करो॥

था बिन नाथ अनाथ की जी,

कुण राखेलो टेक,

म्हासा थाके मोकला जी,

थासा तो म्हारे थे ही एक,

खाटू का राजा महर करो.....

जाणु हूँ दरबार में थारे,

घणी लगी है भीड़,

थारे बिन किस विध मिटेगी,

भोले भगत की या पीड,

खाटू का राजा महर करो.....

ज्यूँ-ज्यूँ बीते टेम हिये को,

छुट्यो जावे धीर,

उझलो आवे कालजो जी,

नैणा सू टप-टप के नीर,

खाटू का राजा महर करो.....

साथी म्हारे जिव का थे,

थासे छानी ना,

जान बूझ के मत तरसाओ,

हिवड़े से लेवो लिपटाए,

खाटू का राजा महर करो.....

ध्रुपद सुता की लज्जा राखी,

गज को काट्यो फंद,

सुणकर टेर देर मत किजो,

श्याम बिहारी “ब्रजचंद”,

खाटू का राजा महर करो.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।