उड़े बात नई कीर्तन में

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सुनी उड़े बात नई कीर्तन में,

सुनी उड़े बात नई कीर्तन में………..

बाबा का दरबार लगा था,

देसी घी का दिया जला था,

सबने महक लायी री कीर्तन में,

सुनी उड़े बात नई कीर्तन में,

सुनी उड़े बात नई कीर्तन में………..

जय बजरंग की सारे बोले,

देख सवारका नार ना बोले,

जय जय गूँज रही कीर्तन में,

सुनी उड़े बात नई कीर्तन में,

सुनी उड़े बात नई कीर्तन में……….

जब उन्हें अर्जी लगावैं लागे,

अपना रोग लगावैं लागे,

बाबा को दी अर्जी अपन ने,

सुनी उड़े बात नई कीर्तन में,

सुनी उड़े बात नई कीर्तन में……….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।