भगवा रंग चढ़ने लगा है

पारंपरिक
महादेव भजन राम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मंदिर अब बनने लगा है,

भगवा रंग चढ़ने लगा है,

मंदिर जब बन जायेगा,

सोच नजारा क्या होगा,

देश हमारा देश हमारा,

सोचो सोचो ,

इससे प्यारा क्या होगा………..

काशी अब सजने लगा है,

डमरू भी बजने लगा है,

काशी अब सजने लगा है,

डमरू भी बजने लगा है,

डमरू जब असर करेगा,

सोच नजारा क्या होगा,

देश हमारा देश हमारा,

सोचो सोचो सोचिये तो सोच के देखो,

इससे प्यारा क्या होगा………..

मथुरा भी सजने लगी है,

बंशी अब बजने लगी है,

मथुरा भी सजने लगी है,

बंशी अब बजने लगी है,

बंशी जब बज जायेगी,

सोच नजारा क्या होगा,

देश हमारा देश हमारा,

सोचो सोचो सोचिये तो सोच के देखो,

इससे प्यारा क्या होगा……….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।