बाबा जो तुझको बुलाए गा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तू रुक नहीं पाएगा, बाबा जो तुझको बुलाए गा,

झूठे बहाने करके तू पछताये गा॥

साथ वो मेरे मैं क्यों डर जाऊं,

श्याम की जय बोलो और बढ़ जाऊं,

अब तक श्याम ने हमें संभाला है,

क्यों ना मैं उनसे मिलने जाऊं,

नैनो के आशु लेके, श्याम ध्वजा को लेके,

मन हर्षाए गा...

तू रुक नहीं पाएगा, बाबा जो तुझको बुलाए गा॥

खाटू वाले श्याम से मिलना है,

दिल की बाते उनसे करना है,

वैसे तो वो सब कुछ जाने हैं

फिर भी मन को हल्का करना है,

चरणों में शीश झुका के दर्शन पाएगा,

तू रुक नहीं पाएगा, बाबा जो तुझको बुलाए गा॥

श्याम मिलन में आई बाधा है,

मिलने का तो पूरा इरादा है,

चाहे जितने नियम बना ले वो,

भक्तों से मिलने बाबा बैठे हैं,

भक्तों को आता देखे, गले लगाये गा,

तू रुक नहीं पाएगा, बाबा जो तुझको बुलाए गा॥

रींगस से खाटू के मंदिर तक,

पैदल चलकर हमको जाना है,

सारे रास्ते भजन सुनाना है,

चरणों में एक पुष्प चढ़ाना है,

भाव का भूखा है ये, भाव ही भाएगा

तू रुक नहीं पाएगा, बाबा जो तुझको बुलाए गा॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।