गौरी पुत्र आया जी

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आज म्हारे आंगनिया में,

गौरी पुत्र आया जी,

गौरी पुत्र आया जी,

भक्ता रे मन रे भाया जी,

आज म्हारे आंगणिया में,

गौरी पुत्र आया जी।।

कमर तागड़ी पग पैजनिया,

हाथ झझरियों लाया जी,

नैना में काजलियो थारे,

माथे चांद मंडाया जी,

आज म्हारे आंगणिया में,

गौरी पुत्र आया जी।।

पहर जरी को झगलो चोटी,

रेशम फूल गुथाया जी,

ठुमक ठुमक पगां धरे हैं,

गणपति बोले तुतलाया जी,

आज म्हारे आंगणिया में,

गौरी पुत्र आया जी।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।