हमें ना भुलाना बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे भजनो में मैं रम जावां,

तेरे नाम ये दिल कर जावां ,

हमें ना भुलाना बाबा हमें ना भुलाना,

दूर नहीं करना खुद से दूर नहीं करना,

हारे हुए साथी का साथ निभाना,

हमें ना भुलाना बाबा हमें ना भुलाना....

अपना तो नसीबा क्या खूब मिला है,

सांवरिया के जैसा दिलदार मिला है,

तेरा प्यार तेरी सेवा मेरी ज़िंदगानी,

बांह पकड़ के रखना मेरे कन्हाई,

तेरे भजनो में मैं रम जावां,

तेरे नाम ये दिल कर जावां,

हमें ना भुलाना बाबा हमें ना भुलाना,

दूर नहीं करना खुद से दूर नहीं करना....

बन जाऊं राधिका तू मेरा किशन हो,

मांगू ये दुआएं खाटू में मिलन हो,

सही जायेगी ना बाबा मुझसे ये जुदाई,

आ जाओ लीले चढ़कर छोडो तड़पाना,

तेरे भजनो में मैं रम जावां,

तेरे नाम ये दिल कर जावां,

हमें ना भुलाना बाबा हमें ना भुलाना,

दूर नहीं करना खुद से दूर नहीं करना.....

जबसे तू मिला है पहचान मिली है,

तेरे प्रेमियों का बड़ा प्यार मिला है,

संजीव पूजा की दुनिया सजाई,

हर सुख दुःख में बाबा तू है हमराही,

तेरे भजनो में मैं रम जावां,

तेरे नाम ये दिल कर जावां,

हमें ना भुलाना बाबा हमें ना भुलाना,

दूर नहीं करना खुद से दूर नहीं करना.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।