एक तेरा सहारा रहे सांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एक तेरा सहारा रहे सांवरे,

एक तेरा सहारा रहे सांवरे,

फिर जगत के सहारे रहे ना रहे,

फिर जगत के सहारे रहे ना रहे,

एक तेरा सहारा रहे सांवरे,

एक तेरा सहारा रहे सांवरे,

आसरा एक तेरा रहे सांवरे,

आसरा एक तेरा रहे सांवरे....

है उजड़ती यहाँ जग,

ये बस्ती सभी,

ख़ाक में मिलती है,

यहाँ हस्ती सभी,

दिल में तेरा उजाला रहे सांवरे,

दिल में तेरा उजाला रहे सांवरे,

चाँद सूरज उजाले रहे ना रहे

एक तेरा सहारा रहे सांवरे,

एक तेरा सहारा रहे सांवरे,

आसरा एक तेरा रहे सांवरे,

आसरा एक तेरा रहे सांवरे....

तू मेरा ही मेरा हर कोई कह रहा है,

आज तक साथ जग में ना कोई रहा,

साथ तेरा ही बस एक रहे सांवरे,

साथ तेरा ही बस एक रहे सांवरे,

साथ दुनिया का फिर ये रहे ना रहे,

साथ दुनिया का फिर ये रहे ना रहे,

एक तेरा सहारा रहे सांवरे,

एक तेरा सहारा रहे सांवरे,

आसरा एक तेरा रहे सांवरे,

आसरा एक तेरा रहे सांवरे....

रहे सावरे ….

रहे सावरे ….

रहे सावरे ….

रहे सावरे …..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।