वे आजा आजा तू करदे निहाल सोणया

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तेरा लुक लुक कर दे दीदार सोणया,

वे आजा आजा तू करदे निहाल सोणया॥

एहना भगता दी सुन लै पुकार सोणेया,

वे आजा आजा करदे निहाल सोणेया॥

तेरे नाम दे दीवाने, तेरे दर उत्ते औंदे ने,

तेरे चरणा च बैठके, जयकारे तेरे लौंदे ने,

एहना भगता दा, करदे सुधार सोणेया,

वे आजा आजा करदे निहाल सोणेया॥

तेरे दर उत्ते बिगड़ी वी बनदी ऐ,

तेरे नाम वाली ज्योत वी जगदी ऐ,

तेनु पुजदा ऐ सारा संसार सोणेया,

वे आजा आजा करदे निहाल सोणेया॥

दास दर तेरे आंदा, तेरी महिमा नू गाउँदा

तेरे चरणों च बेके ,जयकारा तेरा गाउँदा

तेरे हर पासे, होवे जय जैकार सोणया,

वे आजा आजा, करदे निहाल सोणया,

तेरा लुक लुक कर दे दीदार सोणया,

वे आजा आजा तू करदे निहाल सोणया॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।