नाम को भजने से बेड़ा पार है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

नाम को भजने से बेड़ा पार है...-2

बिन भजन के ये जन्म बेकार है,

नाम को भजने से बेड़ा पार है...

ये मानुष सुंदर जन्म तुझको मिला,

तुझपे ये भगवान का उपकार है,

बिन भजन के ये जन्म बेकार है,

नाम को भजने से बेड़ा पार है....

झूठ छल तू बेईमानी छोड़ दे,

मोह ममता में फस ना बेकार है,

बिन भजन के ये जन्म बेकार है,

नाम को भजने से बेड़ा पार है....

नाम जिस जिस ने जपा है राम का,

इस जगत में उसका बेड़ा पार है,

बिन भजन के ये जन्म बेकार है,

नाम को भजने से बेड़ा पार है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।