बोलो बोलो आँखें खोलो

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

बोलो बोलो आँखें खोलो,

बोलो बोलो आँखें खोलो,

आओ गाओ प्रभु का नाम,

आओ गाओ प्रभु का नाम,

सीताराम सीताराम सीताराम,

बोलो बोलो आँखें खोलो,

आओ गाओ प्रभु का नाम,

सीताराम सीताराम सीताराम,

बोलो बोलो आँखें खोलो॥

जो मन का है उजियारा,

जो मन का है उजियारा,

जो मन का है उजियारा,

जो मन का है उजियारा,

भक्तों को लागे प्यारा,

भक्तों को लागे प्यारा,

वेदों का ये सार रूप है,

वेदों का ये सार रूप है,

संतों का विश्राम,

संतों का विश्राम,

सीताराम सीताराम सीताराम,

बोलो बोलो आँखें खोलो,

आओ गाओ प्रभु का नाम,

सीताराम सीताराम सीताराम,

बोलो बोलो आँखें खोलो॥

भक्ति की राह दिखाता,

भक्ति की राह दिखाता,

भक्ति की राह दिखाता,

भक्ति की राह दिखाता,

प्रीति की लगन लगाता,

प्रीति की लगन लगाता,

इसके आगे हारे सारे,

इसके आगे हारे सारे,

क्रोध लोभ मध काम,

क्रोध लोभ मध काम,

सीताराम सीताराम सीताराम,

बोलो बोलो आँखें खोलो,

आओ गाओ प्रभु का नाम,

सीताराम सीताराम सीताराम,

बोलो बोलो आँखें खोलो॥

इसको आधार बना ले,

इसको आधार बना ले,

इसको आधार बना ले,

इसको आधार बना ले,

इस राह पे पाँव बढ़ा ले,

इस राह पे पाँव बढ़ा ले,

मिट जायेगी चिंता सारी,

मिट जायेगी चिंता सारी,

मिल जाएंगे राम,

मिल जाएंगे राम,

सीताराम सीताराम सीताराम,

बोलो बोलो आँखें खोलो,

बोलो बोलो आँखें खोलो,

आओ गाओ प्रभु का नाम...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।