मेरे मुरली वाले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं आया तेरे दरबार मेरे मुरली वाले,

मुझे दर्शन दो एक बार मेरे मुरली वाले॥

आपकी हर मुस्कान मोहन सबके मन को भाती है,

चाहे मैं भटकू इस दुनिया में याद तेरी याद आती है,

अब नावँ करो मेरी पार मेरे खाटू वाले,

मैं आया तेरे दरबार मेरे मुरली वाले॥

काम-धाम मैंने छोड़ दिए कान्हा द्वार पे तेरे आने को,

छप्पन भोग लिए शाम मैंने तुम को भोग लगाने को,

मेरा भोग करो स्वीकार मेरे खाटू वाले,

मैं आया तेरे दरबार मेरे मुरली वाले॥

करके प्रभु जी दर्शन तेरा श्याम मैं तेरा गुलाम हुआ,

ऐसी कृपा करी रोहित पर जीवन मालामाल हुआ,

मैं आता रहूं हर साल मेरे खाटू वाले,

मैं आया तेरे दरबार मेरे मुरली वाले……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।