होली खेले तो हमारे घर आजा सांवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

होली खेले तो हमारे घर आजा सांवरिया,

आजा सांवरिया हमारे घर आजा सांवरिया,

होली खेले तो हमारे घर....

सास ससुर मेरे गए सत्संग में सूनी वाखड़िया,

पिछवाड़े मेरी धरी नसेनी चढ़ आ सांवरिया,

होली खेले तो हमारे घर....

जेठ जेठानी मेरे गए कीर्तन में सूनी दुकड़िया,

पिछवाड़े मेरी धरी चढ़ आ सांवरिया,

होली खेले तो हमारे घर....

देवर देवरानी मेरे गए खेतन में सूनी बाखड़िया,

पिछवाड़े मेरी धरी नसेनी चढ़ा आ सांवरिया,

होली खेले तो हमारे घर....

ननंद हमारी गई सासरे सूनी बागड़िया,

पिछवाड़े मेरी धरी नशेनी में चढ़ आ सांवरिया,

होली खेले तो हमारे घर....

बलम हमारे गए नौकरी सूनी अटरिया,

पिछवाड़े मेरी धरी नसैनी चढ़ा आ सांवरिया,

होली खेले तो हमारे घर....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।