वन को जब जाना भगवान

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

वन को जब जाना भगवान पहले हमें विदा कर जाना,

मेरे टीके पर ओम लिखवाना,

मेरी बिंदिया पर राम लिखवाना,

फैंसी लिखत लिखो भगवान जैसे अमरबेल की छाया,

वन को जब जाना भगवान.....

मेरे हरवा पर ओम लिखवाना,

मेरी माला पर राम लिखवाना,

ऐसी लिखत लिखो भगवान जैसे अमरबेल की छाया,

वन को जब जाना भगवान....

मेरी चूड़ियों पर ओम लिखवाना,

मेरी मेहंदी पर राम लिखवाना,

ऐसी लिखत लिखो भगवान जैसे अमरबेल की छाया,

वन को जब जाना भगवान....

मेरी पायल पर ओम लिखवाना,

मेरी महावर पर राम लिखवाना,

ऐसी लिखत लिखो भगवान जैसे अमरबेल की छाया,

वन को जब जाना भगवान....

मेरे लहंगा पर ओम लिखवाना,

मेरी चुनरी पर राम लिखो आना,

ऐसी लिखत लिखो भगवान जैसे अमरबेल की छाया,

वन को जब जाना भगवान....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।