घबराये दुखों से जब तू

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

घबराये दुखों से जब तू, तेरा मन हो डाँवा-डोल

प्यारे हरि हरि बोल, प्यारे हरि हरिबोल ।

क्यों नजर बचा के सब से, दुष्कर्मो से खेल रहा है

कोई देखो या ना देखो तुझको, तू खुद देख रहा है

मन के तराजू में अपने तू सत्य झूठ को तोल ||1||

करता है तू पाप हजारों, पाप पुण्य पहचान

अंत समय पछतायेगा, जब तन में रहेंगे न प्राण

है अंधकार तेरे मन में-त मन की आँखे खोल ।।2।।

ध्यान लगा तू ईश्वर से, तेरा हो जाये उद्धार

हरि नाम की माला जप ले, हो जायेगा पार

नहीं हरि नाम का लगता, यहाँ प्यारे कोई मोल ।।3।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।