अब मंदिर बनने लगा है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

अब मंदिर बनने लगा है,

भगवा रंग चढ़ने लगा है,

जब मंदिर बन जाएगा,

सोच नजारा क्या होगा,

बोल जयकारा जयकारा,

बोल जयकारा,

सियाराम के नारे होंगे,

दर्शन को सारे होंगे,

दर्शन को सारे होंगे,

सोच नजारा क्या होगा,

बोल जयकारा जयकारा,

बोल जयकारा....

मंदिर मंदिर जपते जपते,

हमने कई साल बिताए हैं,

नैनों में दर्श की आस लिए,

हम आज अयोध्या आए हैं,

है रामायण में राम लला,

कण-कण में बसते राम लला,

करते हैं नमन उस नगरी को,

है जहां पे जन्मे राम लला,

मंदिर में मूरत होगी,

प्यारी सी सूरत होगी,

प्यारी सी सूरत होगी,

सोच नजारा क्या होगा,

बोल जयकारा जयकारा,

बोल जयकारा.....

है धर्म की जीत बड़ी सबसे,

था इंतजार हमको कब से,

अब सपना वो साकार हुआ,

जो देखा है हमने कब से,

श्री राम का नाम लिए मुख पे,

अब निकल पड़े हैं सब घर से,

जीवन ये ‘शुभम’ का धन्य हुआ,

श्री राम कृपा हुई जबसे,

सब हिंद का एक ही नारा,

भगवा चमके जग सारा,

भगवा चमके जग सारा,

सोच नजारा क्या होगा,

बोल जयकारा जयकारा,

बोल जयकारा....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।