जरा सोचले होगी तेरी हंसाई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जरा सोच ले होगी तेरी हँसाई

अगर बात मेरी बाबा अब ना बनाई

जरा सोच ले होगी तेरी हसाई.....

सुरसैन नरसी मीरा नहीं मैं कबीरा,

उठा नहीं सकता मोहन सुदामा सी पीड़ा,

नैया लगा दे किनारे - किनारे अब ना समाई,

जरा सोच ले होगी तेरी हसाई....

लिखा जाएगा कान्हा ये भी एक किस्सा,

मेरी हार मे भी होगा बराबर का हिस्सा,

मारेगी दुनिया ताने - ताने सुनलो कन्हाई,

जरा सोच ले होगी तेरी हसाई....

पूंछेगे दुनिया वाले कहा तेरा श्याम है,

गाता तू रहता हरदम जिसके तू नाम है,

कहा गई 'घोटू' तेरे -तेरे खुदा की खुदाई,

जरा सोच ले होगी तेरी हसाई....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।