क्या ऐसी नाराज़ी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

क्या ऐसी नाराज़ी है,

याद नहीं अब आती है,

क्या भूल गए वो वादा तेरा मेरा,

टूट गया क्या रिश्ता मेरा तेरा।

ठोकर इतनी खाई मैंने पल पल धोखे मिले

सूख गए हैं आँख के आंसू पर तुम क्यों ना मिले

क्या तुमको तरस नहीं आता है बीटा नहीं सुहाता है

क्या भूल गए वो वादा तेरा मेरा,

टूट गया क्या रिश्ता मेरा तेरा।

तुझको पुकारूँ अर्ज़ गुज़ारूं सुनलो अर्ज़ मेरी

नैया है टूटी किस्मत रूठी द्केहो तरफ मेरी

बाबा अब तो आ जाओ नैया पार लगा जाओ

क्या भूल गए वो वादा तेरा मेरा,

टूट गया क्या रिश्ता मेरा तेरा।

सुनली अर्ज़ी गले लगाया, धीर बंधाया है

व्यस्त था थोड़ा माफ़ी मैं मांगू,

सर पे हाथ फिराया है

अब ना तुमको रोना है,

ना कहीं पे झुकना है

करता हूँ ये वादा मैं हूँ तेरा,

साथ रहूँगा हर दम हर पल तेरा

क्या भूल गए वो वादा तेरा मेरा,

टूट गया क्या रिश्ता मेरा तेरा।

क्या ऐसी नाराज़ी है,

याद नहीं अब आती है,

क्या भूल गए वो वादा तेरा मेरा,

टूट गया क्या रिश्ता मेरा तेरा।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।