वो है श्यामधणी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हाथों को मेरे जिसने है थामा वो है श्यामधणी,

विपदाओं से जिसने निकाला वो है श्यामधणी.....

तुम ही हो माता तुम ही पिता हो भाई तुम्ही हो तुम ही सखा हो,

हाथों को अपने आगे बढ़ाओ मुझ बेबस को गले से लगाओ,

अपने सखा की लाज जो राखे वो है श्यामधणी,

हाथों को मेरे जिसने है थामा वो है श्यामधणी.......

सारी दुनिया का ठुकराया घूम लिया जग दर तेरे आया,

दर तेरे आके सर को झुकाया आँखे थी बरसी मन हर्षाया,

आंसू को मेरे जिसने था पोंछा वो है श्यामधणी,

हाथों को मेरे जिसने है थामा वो है श्यामधणी.....

सूरत की गर्मी से लेकर फूलों की खुशबू तक तुम्हे,

जो भी हार दर तेरे आया उस हारे का सहारा तुम हो,

मोहित के जीवन का सहारा वो है श्यामधणी,

हाथों को मेरे जिसने है थामा वो है श्यामधणी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।