श्याम गोकुल में फिर से तू आजा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम गोकुल में फिर से तू आजा

आज होली है रंग वर्षा जा

रास गोपियाँ के साथ रचा जा

धुन मुरली का फिर से सुना जा

अब चलेगा ना कोई बहाना

श्याम गोकुल में फिर से तू आजा

आज होली है रंग वर्षा जा

सात रंगों से थाली सजा है

तेरे बिन होली सुना पड़ा है

सारे देवगण आये हैं लेकिन

तेरे बिन गोकुल सुना पड़ा है

अब कर ना तू कोई बहाना..2

श्याम गोकुल में फिर से तू आजा

आज होली है रंग वर्षा जा

श्याम सुनले तू मेरा कहना

बाद में फिर तू मुझसे ना केहना

आज राधा रोई कल तू रोयेगा

बाद में आना मंहगा पड़ेगा

आज देरी ना कर कान्हा आजा...२

आके राधा को रंग लगा जा

श्याम गोकुल में फिर से तू आजा

आज होली है रंग वर्षा जा

श्याम गोकुल में फिर से तू आजा

आज होली है रंग वर्षा जा

रास गोपियाँ के साथ रचा जा

धुन मुरली का फिर से सुना जा

अब चलेगा ना कोई बहाना

श्याम गोकुल में फिर से तू आजा

आज होली है रंग वर्षा जा

लेखक & गायक: लव किशन

Lyrics &Singer: Love Kishan

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।