गौरा जी में ऐसा क्या गुण है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हरी हरी पाती में क्या बल है, जिस पर भोला मगन है,

भोला मगन है मेरा शंकर मगन है,

हरी हरी पाती में क्या बल है...

सरयू मग्न है गोमती मग्न है,

गंगा में ऐसा क्या बल है जिस पर भोला मगन है,

हरी हरी पाती में क्या बल है....

सूरज मग्न है तारे मंग्न है,

चंद्रमा में ऐसा क्या बल है जिस पर भोला मग्न है,

हरी हरी पाती में क्या फल है....

बिच्छू मग्न है ततैया मग्न है,

नागो में ऐसा क्या बाल है जिस पर भोला मगन है,

हरी हरी पाती में क्या बल है....

ढोलक मंगन है मजीरा मंगन है,

डमरु में ऐसा क्या बल है जिस पर भोला मगन है,

हरी हरी पाती में क्या बल है....

लड्डू मंगल है पेड़ा मग्न है,

भांग धतूरे में क्या बल है जिस पर भोला मंगन है,

हरी हरी पाती में क्या बल है....

सोल मग्न है दुशाला मंगन है,

धर्मशाला में ऐसा क्या गुण है जिस पर भोला मग्न हैं,

हरी हरी पाती में क्या फल है.....

घोड़ा मगन है गाड़ी मगन है,

नंदी में ऐसा क्या गुण है जिस पर भोला मगन है,

हरी हरी पाती में क्या बल है....

गणपत मगन है कार्तिक मगन है,

गोरा में ऐसा क्या गुण है जिस पर भोला मगन है,

हरी हरी पाती में क्या बल है जिस पर भोला मगन हैं....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।