तूने ही संभाला था

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब दिन गर्दिश के थे, ना कोई पूछने वाला था,

उस वक्त मुझे बाबा, तूने ही संभाला था.....

दाने दाने के लिए, मैं गुहार लगाता था,

कोई साथ तो दो मेरा, मैं पुकारा लगाता था,

भूखे ही सोते थे ना पास निवाला वाला था,

उस वक्त मुझे बाबा, तूने ही संभाला था.....

मैं भूला नहीं कुछ भी, सब कुछ है याद मुझे,

अपनों ने छोड़ा था करके बर्बाद मुझे,

मेरी लाज को जब जग ने सरे आम उछाला था,

उस वक्त मुझे बाबा, तूने ही संभाला था.....

मेरी मजबूरी का सब लाभ उठाते थे,

मुझे अपने इशारों पे ये खूब नचाते थे,

सपने ने मुझसे अपना बस काम निकाला था,

उस वक्त मुझे बाबा, तूने ही संभाला था.....

जिन्हें सोचता था मैं खराहा वह असल में खोटे थे,

झूठी हमदर्दी के चेहरे पर मुखोटे थे,

हर आपने ने माधव मुश्किल में डाला था,

उस वक्त मुझे बाबा, तूने ही संभाला था.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।