लिख दी मैंने कर दी मैंने

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लिख दी मैंने, कर दी मैंने,

जिंदगी, बिहारी जी के नाम ll

हे लिख दी मैंने l

हो कर दी मैंने l

जिंदगी, बिहारी जी के नाम,,,

लिख दी मैंने, कर दी मैंने,,,,,,,,,,

ऐ मेरे, बांके बिहारी,

आप ही, मेरी जिंदगी ll

ऐसी कर दो, अब कृपा,

करता रहूं, तेरी बंदगी ll

ये दीवानगी, मेरी आशिक़ी ll,

सब कुछ, बिहारी जी के नाम,,,

लिख दी मैंने, कर दी मैंने,,,,,,,,,,

तड़पे पल पल, अब मिलन को,

प्यासी मेरी जिंदगी l

तेरे हाथों, सौंप दी,

प्यारे, मैंने ये जिंदगी ll

धड़कन, तड़पते दिल की ये ll,

अर्पण, बिहारी जी के नाम,,,

लिख दी मैंने, कर दी मैंने,,,,,,,,,,

जिंदगी को, जिंदगी का,

आखिरी, अरमान है l

‘चित्र विचित्र’ की, जिंदगी,

जिंदगी पे भी, कुर्बान है ll

पागल, का पागल प्यार है ll,

*बांके, बिहारी जी के नाम,..

लिख दी मैंने, कर दी मैंने,,,,,,,,,,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।