हे श्याम ध्वजा बंदधारी

संजय मित्तल
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हे श्याम ध्वजा बंदधारी,

तुम ही सुनते हो हमारी,

जब कोई ना आड़े आवे,

देख भगत की हार जिताने,

तू लीले चढ़कर आवे,

हें श्याम ध्वजा बंदधारी,

तुम ही सुनते हो हमारी....

भीगी पलके देख भगत की,

चैन ना तुझको आता,

पोंछने आंसू झट तू अपने,

लीले को दौड़ाता, दौड़ाता, दौड़ाता,

बदल के आंसू गम के ख़ुशी में,

रोते को तू हंसाए,

देख भगत की हार जिताने,

तू लीले चढ़कर आवे,

हें श्याम ध्वजा बंदधारी,

तुम ही सुनते हो हमारी....

समय के साथ बदलते देखी,

हमने दुनिया सारी,

लेकिन तेरा न्याय ना बदला,

ना बदली दातारी, दातारी, दातारी,

साँचा न्याय तेरा दर तेरे,

भीड़ बढ़ाती जाए,

देख भगत की हार जिताने,

तू लीले चढ़कर आवे,

हें श्याम ध्वजा बंदधारी,

तुम ही सुनते हो हमारी....

ना कोई छोटा ना ही बड़ा कोई,

तेरे आगे स्वामी,

भावों का व्यापारी है तू,

बात ये हमने जानी, हाँ जानी, हाँ जानी,

भाव भजन में डूब के बाबा,

तू भंडार लुटावे,

देख भगत की हार जिताने,

तू लीले चढ़कर आवे,

हें श्याम ध्वजा बंदधारी,

तुम ही सुनते हो हमारी....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।